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Tuesday, 11 July 2017

Jio कस्टमर्स डेटा एक वेबसाइट पर हुआ था लीक, जांच के क्रम में इस शख्स को हिरासत में लिया गया


Representational Image

Jio  डेटा लीक के बाद कंपनी सवालों के घेरे में है. कंपनी इसकी जांच कर रही है और इसकी क्रम में राजस्थान से एक शख्स को हिरासत में लिया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक जियो डेटाबेस से कस्टमर्स की जानकारियां लीक करने को लेकर पुलिस ने राजस्थान से एक शख्स हिरासत में लिया है. पुलिस का कहना है कि उन्हें इस लीक में उसका हाथ होने का शक है.
रिलायंस जियो ने बयान में कहा था कि कंपनी इस डेटा लीक की जांच कर रही है. आपको बता दें कि हाल ही में एक मैजिक एपीके नाम की एक वेबसाइट पर जियो यूजर्स की जानकारियां लीक हो गईं. इसके बाद से लगातार कस्टमर्स की सेफ्टी को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
कंपनी ने कहा है कि वो इस कथित लीक मामले की जांच पड़ताल के लिए एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है. साइबर सिक्योरिटी एक्स्पर्ट्स इसे भारतीय टेलीकॉम कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा लीक मान रहे हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान लोकल पुलिस ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इमरान चिंपा नाम के एक शख्स को इस डेटा लीक में शामिल होने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुंबई से एक जांच टीम जल्द ही राजस्थान आएगी.
सुरजगढ़, राजस्थान की एक लोकल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के मालिक ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस ने चिंपा को हिरासत में लिया है और इस मामले पर उससे चिंपा के बारे में भी पूछा गया है.
जानिए क्या है पूरा मामला
Magicapk नाम की एक वेबसाइट पर जियो के कस्टमर्स डेटा लीक हुए थे . इस वेबसाइट पर क्लिक करने से यहां एक ऑप्शन दिया गया जिसमें जियो नंबर डालने के लिए कहा गया. जियो नंबर एंटर करते ही इसमें उस सिम से जुड़ी जानकारियां आसानी से सामने आ गईं.
लीक हुई जानकारियों में कस्टमर का पूरा नाम, मोबाइल नबर, ईमेल आईडी, सर्कल आईडी, सिम ऐक्टिवेशन टाइम और डेट सहित आधार नंबर भी शामिल हैं. हालांकि हमने जब इसे चेक किया तो इसमें आधार नंबर छोड़कर दूसरी सभी जानकारियां मिली. यह वेबसाइट भारत की ही है और फिलहाल यह साफ नहीं है कि इसे रिलायंस जियो अपने कस्टमर्स डेटा बेस के लिए यूज करती थी या नहीं.
ऐसा कई घंटों तक चलता रहा जिसके बाद उस वेबसाइट को सस्पेंड कर दिया गया. हालांकि रिलायंस जियो की तरफ से बयान आया है कि उस वेबसाइट की कई प्रमाणिकता नहीं है और ये गलत है. कंपनी ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी.